श्री मारवाड़ी दातव्य औषधालय में हिमंत
श्री मारवाड़ी दातव्य औषधालय के 110 वर्ष पूर्ण
होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा फैंसी
बाज़ार के माछखोवा स्थित आईटीए सेंटर में आये थे l उन्होंने अपने भाषण में मारवाड़ी
लोगों का 400 वर्षों का असम में बसावट का इतिहास तो रखा ही, साथ
ही में साफ़ शब्दों में यह कहा कि मारवाड़ी को अगर कोई गाली देता है और उन्हें अना
असमिया कहता है, तो उन्हें दुःख होता है l असम के साथ उनका गहरा और पुराना
संबंध है, और
470 वर्ष पहले आये प्रथम मारवाड़ी सरदार विजय सिंह का उन्होंने जिक्र भी किया l इस
कार्यक्रम में करीब एक हज़ार लोग आये थे, ज्यादातर मारवाड़ी समाज के लोग थे l उनके
समक्ष राज्य के मुख्यमंत्री का मारवाड़ियों के अवदान को स्वीकारना इस बात की पुष्टि
करता है कि मारवाड़ी एक जनगोष्ठी के रूप में असम में रह रही है और असम के सर्वांगीण
विकास के लिए प्रतिबद्ध है l उन्होंने यह भी कहा कि मारवाड़ी
समाज अपने
उत्कृष्ट व्यावसायिक कौशल और अपनी मजबूत परोपकारी एवं सामाजिक सेवा की परंपराओं के
लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं l इन्हें भारत में सबसे बड़े परोपकारी
समुदायों में से एक माना जाता है। उन्होंने बेहद साफ़ शब्दों में कहा कि आज मारवाड़ी
असम के सामाजिक तानेबाने का हिस्सा बन गए हैं l श्री मारवाड़ी दातव्य औषधालय मारवाड़ी
समाज का एक सेवा प्रकल्प है, जिसकी प्रसिद्धि इतर समाज में इसलिए
है क्योंकि बेहद कम खर्चे में यहाँ रोगियों का उपचार होता है l एक
समय में जब मारवाड़ी मेटरनिटी हॉस्पिटल खुला था, तब सामान्य रूप से बच्चा होने पर वार्ड
में भारती होने पर केवल पांच सो रुपये ही खर्च आता था l आज भी
वार्ड में उपचार का खर्च काफी कम ही नहीं, बल्कि उसमे उत्कृष्ट मानदंड का इलाज भी
करवाया जाता है l फैंसी
बाज़ार स्थित आउटडोर डिस्पेंसरी में तो दस रुपये में रोगियों को देखा जा रहा हैं l
इत्तनी बड़ी सुविधा से लेश श्री मारवाड़ी दातव्य औषधालय अपनी स्थापना के 110 वर्ष
पुरे कर रहा है l कोई
भी संस्थान जब अपनी स्थापना के सौ वर्ष अतिक्रम कर लेता है, तब
उसके द्वारा किये गए कार्यों की समीक्षा तो समस्त समाज करता ही है, साथ ही उसके
स्थापना के समय जिन महानुभावों ने अपना योगदान दिया था, उनके प्रति कृतज्ञता भी
ज्ञापन करता है l आज असम का मारवाड़ी समाज आज इस बात पर गर्व कर रहा है कि फैंसी
बाज़ार गुवाहाटी स्थित श्री मारवाड़ी दातब्य औषधालय९(मारवाड़ी हॉस्पिटल के नाम से
आजकल इसे संबोधित किया जाता है), आज अपने स्थापना के एक सौ दस वर्ष मना रहा है l
इस एक सौ दस वर्ष की यात्रा इस बात के भी संकेत देती है कि इस अहिन्दी प्रदेश में
भी परोपकार के उद्देश्य से एक समाज ने ऐसे प्रकल्प की स्थापना की है, जिसका
लाभ समस्त लोगों को हो रहा है l फैंसी बाज़ार डिस्पेंसरी में हर वर्षग लगभग 72 हज़ार
रोगियों का उपचार केवल दस रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस के साथ किया जाता हैं l राज्य
में जहाँ बड़े बड़े सरकारी अस्पतालों में रोगोयों का इलाज निशुल्क होता बताया जाता है, इस
डिस्पेंसरी में सही में केवल दस रुपये में कुशल डोक्टरों द्वारा रोगियों को देखा
जाता हैं l अगर
समाज सेवा की मिशाल देखनी है, तब किसी को फैंसी बाज़ार स्थित
मारवाड़ी दातव्य औषधालय आना चाहिये. जहाँ निशुल्क रक्त सर्करा जांच भी रोजाना सुबह
7 बजे से 9 बजे तक की जाती है l एक धर्मार्थ करने वाली जाति की मानवता
की सेवा करने की एक सदी पुरानी जीवित विरासत है और हम सभी इसे समाज के लिए समय पर
उन्नयन और प्रासंगिकता के लिए हमारे व्यक्तिगत योगदान के माध्यम से संरक्षित कर
सकते हैं। समय के साथ मारवाड़ी हॉस्पिटल ने अपनी सेवा का विस्तार भी किया हैं l कई
दानदाताओं ने अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत हॉस्पिटल को नए विस्तार में मदद भी की
हैं l
हॉस्पिटल ने हाल के दिनों में एक साधन संपन्न कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट की शुरुवात
की है l उसने
एक एम्आरआई मशीन की भी स्थापना की है l इसके अलावा,
प्रसूति गृह को साधन संपन्न बनाया गया है, जिसका एक मात्र उद्देश्य है,
हॉस्पिटल में रोगियों को पर्याप्त सुसिधा मिले l यहाँ एक आइविएफ़ केंद्र शुरू करने की
दिशा में भी काम हो रहा है, जिसकी शुरुवात बहुत जल्दी होने वाली
है l किसी
भी हॉस्पिटल में इमरजेंसी विभाग उसकी रीढ़ की हड्डी होती है l
मारवाड़ी हॉस्पिटल ने अपनी इमरजेंसी विभाग का विस्तार करने की दिशा में कदम बढाया
है l अगर
हम हॉस्पिटल के मिशन की ओर ध्यान देते है, तब पाते है कि यह हॉस्पिटल जाति, पंथ और
धर्म से परे, मानवता
की सेवा करता है, और
उचित मूल्य पर बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना एवं संगठन के समग्र विकास को
बनाए रखने के लिए कार्यक्षमता में लगातार सुधार करना तथा विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में
विस्तार करना और समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए
स्वास्थ्य सेवाओं पर सब्सिडी देना। पिछले बीस वर्षों में चिकित्सा के क्षेत्र में
आई क्रांति के साथ एकरूप होने के लिए हॉस्पिटल ने आधुनिक मशीनों की स्थापना की है, जिससे
बेहतर इलाज हो सके l इसने अपने लिए एक कुछ उच्च मापदंड बना लिए है, जिसके
लिए प्रबंधन की टीम पूरी तन्मयता से कार्य कर कर रही है l
रोगियों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं अनुसार उच्च गुणवत्ता सेवा प्रदान करना। बेहतरीन
सेवा के माध्यम से रोगियों की संतुष्टि सुनिश्चित करना, और
रोगियों की गरिमा तथा अधिकारों की रक्षा करना। मुख्यमंत्री के संबोधन का वीडियो पुरे
असमवासियों ने वायरल हुए विडियो के माध्यम से देखा है, जिसमे
उन्होंने 10 से ज्यादा ऐसे मारवाड़ियों के नाम लिए, जो असमिया भाषा संस्कृति को समृद्ध
कर रहे हैं l मुख्यमंत्री
द्वारा मारवाड़ी समाज का लेखाजोखा पेश करना एक एतिहासिक घटना इसलिए मानी जाएगी,
क्योंकि इस वक्त समूचे असम में जतियातावादी सोच वाले संगठनों ने मारवाड़ी के विरोध
में मोर्चा खोल रखा हैं l मुख्यमंत्री के इस भाषण से उनको
समुचित जबाब मिल गया है l
किसी भी समाज के लिए संयम रख कर इस तरह से सेवा
प्रकल्पों को चलाते रहना, इस बात को दर्शाता है कि असम में
मारवाड़ी समाज सिर्फ व्यवसाय के लिए ही नहीं आया हैं l उसकी
यहाँ के समाज के प्रति भी कुछ कर्तव्य, जिसे वह बखूबी निभा रहा है l श्री
मारवाड़ी दातव्य औषधालय यही कार्य कर रहा है l